कैटरेक्ट सर्जरी (Cataract Surgery) – पूरी जानकारी
1. कैटरेक्ट क्या है? (What is a Cataract?)
कैटरेक्ट आंख के प्राकृतिक लेंस के धुंधले होने को कहा जाता है, जिससे दृष्टि (vision) धुंधली हो जाती है।
यह तब होता है जब लेंस में मौजूद प्रोटीन टूटने और इकट्ठा होने लगते हैं, जिससे आंखों में धुंधला क्षेत्र बन जाता है।
कैटरेक्ट एक या दोनों आंखों में हो सकता है लेकिन एक आंख से दूसरी आंख में नहीं फैलता।
2. कैटरेक्ट कैसे विकसित होता है? (How Does a Cataract Develop?)
कैटरेक्ट मुख्य रूप से उम्र बढ़ने के कारण होता है, लेकिन निम्नलिखित कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं:
✔ अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों का ज्यादा एक्सपोजर
✔ डायबिटीज (Diabetes)
✔ धूम्रपान और शराब का सेवन (Smoking & Alcohol Consumption)
✔ आंख में चोट या दुर्घटना (Eye Injury or Trauma)
✔ स्टेरॉयड दवाओं का लंबे समय तक सेवन (Prolonged Steroid Use)
✔ पारिवारिक इतिहास (Genetic Predisposition)
3. कैटरेक्ट के लक्षण (Symptoms of Cataracts)
✔ धुंधली या बादलों जैसी दृष्टि (Blurry or Cloudy Vision)
✔ रात में देखने में कठिनाई (Difficulty Seeing at Night)
✔ तेज रोशनी और चमक के प्रति संवेदनशीलता (Increased Sensitivity to Light & Glare)
✔ रोशनी के चारों ओर हलो दिखना (Seeing Halos Around Lights)
✔ रंगों का फीका या पीला पड़ना (Fading or Yellowing of Colors)
✔ एक आंख में डबल विजन (Double Vision in One Eye)
✔ चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस के नंबर में बार-बार बदलाव (Frequent Changes in Prescription)
✔ चश्मा लगाने के बावजूद भी स्पष्ट दृष्टि ना होना (No Vision Improvement Even with Glasses)
4. कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए? (When to Visit an Eye Doctor?)
यदि आपको दृष्टि से जुड़ी कोई भी परेशानी हो रही है, तो आपको आंखों के डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर यह जांच करेंगे कि कैटरेक्ट किस आंख में है, कितना बढ़ चुका है, और सर्जरी की जरूरत है या नहीं।
आम सवाल: क्या मेरा कैटरेक्ट रिवर्स हो सकता है?
डॉक्टर आपको बताएंगे कि आपका कैटरेक्ट किस ग्रेड (Grade) का है और आपकी दृष्टि पर इसका कितना प्रभाव पड़ा है।
कोई भी दवा या इलाज कैटरेक्ट को रोक या ठीक नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक उम्र से संबंधित प्रक्रिया है।
यदि दृष्टि में गिरावट हो रही है और चश्मे से सुधार नहीं हो रहा, तो सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है।
5. कब कैटरेक्ट सर्जरी करवानी चाहिए? (When Should Cataract Surgery Be Done?)
✔ जब दृष्टि इतनी खराब हो जाए कि रोजमर्रा के कामों में बाधा आने लगे जैसे कि पढ़ना, गाड़ी चलाना, चेहरों को पहचानना, रसोई का काम आदि।
✔ यदि चश्मे से सुधार नहीं हो रहा या चश्मे का नंबर असमान रूप से बढ़ रहा हो।
✔ आंखों के सर्जन (Eye Surgeon) आपकी स्थिति का आकलन कर सही समय पर सर्जरी की सलाह देंगे।
आम सवाल: क्या मैं अपनी कैटरेक्ट सर्जरी को टाल सकता हूँ?
हां, लेकिन ज्यादा देर तक टालने से दृष्टि और खराब हो सकती है और मोतिया अधिक पक जाता है,जिससे सर्जरी अधिक जटिल हो सकती है।
6. कैटरेक्ट सर्जरी की विधियां (Surgical Procedures for Cataract Surgery)
1. फेकोएमल्सीफिकेशन (Phacoemulsification - Phaco Surgery)
सबसे आधुनिक और सुरक्षित सर्जरी
अल्ट्रासाउंड तरंगों का उपयोग कर लेंस को तोड़ा जाता है, फिर इसे हटाकर नया Intraocular Lens (IOL) प्रत्यारोपित किया जाता है।
MICS ( 2.2 mm) में बहुत छोटा रास्ताबनाकर सर्जरी की जाती है।
2. फेमटो-असिस्टेड फेकोएमल्सीफिकेशन (Femto-Assisted Phacoemulsification)
इसमें सर्जरी की शुरुआती प्रक्रिया Laser द्वारा की जाती है, और बाकी प्रक्रिया फेकोएमल्सीफिकेशन जैसी ही होती है।सिर्फ कॉर्निया में रास्ता और लेंस को डिवाइड करने के लिए लेजर का उपयोग होताहै
हालांकि, यह प्रक्रिया महंगी होती है और परिणाम लगभग समान होते हैं।
कौन सी सर्जरी बेहतर है?
स्टैंडर्ड फेकोएमल्सीफिकेशन (Phaco) सबसे प्रभावी और व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली तकनीक है।
Femto-Assisted Phaco केवल जटिल मामलों में मददगार हो सकती है लेकिन यह अधिक महंगी होती है और मरीज को अतिरिक्त लाभ नहीं देती। दोनों ही सर्जरी में दृष्टि में सुधार और रिकवरी टाइम एक जैसी ही होती है इसमें मरीज को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता।
7. क्या कैटरेक्ट के लिए रोबोटिक सर्जरी होती है? (Is There Any Robotic Surgery for Cataracts?)
कोई पूरी तरह से रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध नहीं है।
केवल 5-10% प्रक्रिया लेजर द्वारा होती है, बाकी सर्जरी डॉक्टर ही
फेकोएमल्सीफिकेशन से ही करते हैं।
8. कौन सा इंट्राओक्यूलर लेंस (IOL) चुनें? (Which Intraocular Lens Should You Choose?)
"अब जानते हैं कि आपके पास कौन-कौन से IOL विकल्प हैं:
1. मोनोफोकल लेंस (Monofocal Lenses)
यह सबसे आम और स्टैंडर्ड विकल्प है। यह एक निश्चित दूरी (आमतौर पर दूर की दृष्टि) को सही करता है।
✅ फायदे:
स्पष्ट और विश्वसनीय दृष्टि
कोई चमक या हेलो नहीं
आमतौर पर बीमा द्वारा कवर किया जाता है
❌ नुकसान:
पास के काम (जैसे पढ़ाई, कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन देखना) के लिए चश्मे की जरूरत पड़ती है
2. मल्टीफोकल / ट्राइफोकल लेंस (Multifocal/Trifocal Lenses)
यह बाइफोकल चश्मे की तरह काम करता है। इसमें करीब, मध्य, और दूर की दृष्टि के लिए अलग-अलग ज़ोन होते हैं।
✅ फायदे:
चश्मे की निर्भरता बहुत कम होती है
पढ़ाई, कंप्यूटर, और दूर की दृष्टि—सब कुछ बिना चश्मे के किया जा सकता है
❌ नुकसान:
रात में हल्का ग्लेयर और हेलो हो सकता है
ट्राइफोकल लेंस में मल्टीफोकल की तुलना में ग्लेयर और हेलो कम होता है
3. एक्सटेंडेड डेप्थ ऑफ फोकस (EDOF) लेंस
यह नई तकनीक है! यह करीब से लेकर दूर तक की पूरी रेंज में फोकस बनाए रखता है, बिना दूरी की स्पष्टता को प्रभावित किए।
✅ फायदे:
दूर और अधिकांश पास का काम बिना चश्मे के किया जा सकता है
मल्टीफोकल की तुलना में बहुत कम ग्लेयर और हेलो
बेहतरीन डिज़ाइन और स्पष्ट दृष्टि
❌ नुकसान:
बहुत छोटे अक्षरों को पढ़ने या लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने के लिए हल्के चश्मे की जरूरत पड़ सकती है
मूल्य अधिक होता है और बीमा में पूरी तरह कवर नहीं होता
4. टॉरिक लेंस (Toric Lenses)
यह एक अलग डिज़ाइन नहीं है, बल्कि इसमें मोनोफोकल, मल्टीफोकल या EDOF लेंस में टॉरिक पावर (सिलेंड्रिकल पावर) जोड़ी जाती है।
यदि किसी मरीज को सिलेंड्रिकल नंबर है और यह पावर नहीं जोड़ी जाती, तो सर्जरी के बाद दृष्टि पूरी तरह स्पष्ट नहीं होगी और उसे चश्मे की जरूरत पड़ेगी।
✅ फायदे:
मोतियाबिंद और सिलेंड्रिकल पॉवर दोनों को सही करता है
दृष्टि की स्पष्टता बढ़ती है और चश्मे पर निर्भरता बहुत कम होती है
❌ नुकसान:
सही माप और अनुभवी सर्जन की जरूरत होती है I लागत अधिक होती है
लेंस का टाइप चुनने के बाद फिर आपको इस टाइप में क्वालिटी लेंस की चुन्नी है। एक टाइप के लेंस में अलग-अलग तरह की क्वालिटी हो सकती है जैसे की क्या यूवी किरणों से प्रोटक्शन करता है या प्रीलोडेड या ऐसा डिजाइन है कि जिसमें लेंस डालने के बाद झिल्ली आने के चांस बहुत मिनिमम है । क्योंकि अक्सर जिस थैली में लेंस डाला जाता है, उसमें कुछ समय बाद झिली (PCO) आने का चांस होता है और वह फिर से लेजर से साफ करनी पड़ती है।
कैसे चुनें सही IOL?
सही IOL चुनना हर मरीज के लिए अलग-अलग हो सकता है। इसे चुनते समय आपको निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
1. लाइफस्टाइल और चश्मे पर निर्भरता कम करना (पास और दूर की दृष्टि के लिए)
2. Lens की गुणवत्ता, स्पष्ट दृष्टि और सर्जरी के बाद कोई परेशानी न हो
3. डॉक्टर की सिफारिश
4. लागत और बीमा कवर
लाइफस्टाइल और IOL का चुनाव
1. अगर आप प्रोफेशनली एक्टिव हैं और चश्मे से बचना चाहते हैं
यदि आप रोज़ पढ़ते हैं, ड्राइविंग करते हैं, कंप्यूटर पर ज्यादा काम करते हैं, और चश्मा पहनना पसंद नहीं करते, तो EDOF lenses सबसे अच्छा विकल्प हैं।
फायदे:
चश्मे की बहुत कम जरूरत
नाइट विज़न बेहतर और कम glare
दूर और करीब दोनों के लिए स्पष्ट दृष्टि
ब्रांड्स: Alcon, Johnson & Johnson, Bausch & Lomb, Hoya (बेहतर UV प्रोटेक्शन और कम PCO चांस)
कम बजट में विकल्प: Aurovue, Biotech, Adtech (थोड़े ज्यादा PCO चांस, जिसे भविष्य में लेज़र से साफ किया जा सकता है)
2. अगर आप चश्मे के साथ सहज हैं
अगर सर्जरी के बाद पास के चश्मे से कोई परेशानी नहीं है, तो Monofocal lenses सबसे अच्छे हैं।
फायदे:
सबसे साफ और स्पष्ट दृष्टि
बीमा में कवर होते हैं
ब्रांड्स: Alcon, Johnson & Johnson, Hoya (अच्छा डिज़ाइन और UV प्रोटेक्शन)
कम बजट में विकल्प: Aurovue, Biotech, Care (PCO होने की संभावना थोड़ी ज्यादा)
3. अगर आप चश्मा बिल्कुल नहीं लगाना चाहते, लेकिन नाइट ड्राइविंग ज्यादा नहीं करते
Multifocal lenses सबसे अच्छा विकल्प हैं, खासकर इनडोर वर्क और घरेलू कार्यों के लिए।
ब्रांड्स:
Johnson & Johnson (महंगे, लेकिन आंशिक रूप से बीमा कवर)
Aurovue, Biotech, Care (कम कीमत, लेकिन PCO की संभावना थोड़ी ज्यादा)
4. अगर आपकी आँखों में सिलेंड्रिकल पॉवर (Astigmatism) है
Toric lenses लेना जरूरी है, क्योंकि बिना टॉरिक लेंस के दृष्टि पूरी तरह साफ नहीं होगी।
Monofocal Toric -अगर सिलेंड्रिकल पॉवर 1 या उससे अधिक है ।
Multifocal Toric / Trifocal Toric / EDOF Toric - अगर सिलैंडरिकल पावर एक से भी काम है तो टोरिक लेंस चुनना चाहिए जिससे की दर और पास दोनों की दृष्टि साफ रहे।
सही Toric lens चुनने से दृष्टि और स्पष्ट होगी और चश्मे की निर्भरता कम होगी।
आँखों की सेहत और IOL का चुनाव
अगर आपकी रेटिना या कॉर्निया में कोई समस्या है
यदि रेटिना में सूजन (डायबिटीज की वजह से) या कॉर्निया में धुंधलापन है, तो Multifocal या EDOF lenses पूरी तरह काम नहीं करेंगे।
इस स्थिति में Monofocal lenses सबसे सुरक्षित विकल्प हैं।
बजट और IOL का चुनाव
Monofocal lenses आमतौर पर बीमा में कवर होते हैं।
Multifocal, EDOF, Toric lenses प्रीमियम ऑप्शन हैं, जिनका खर्च अलग से उठाना पड़ सकता है।
सलाह
✅ अगर चश्मा पहनने में कोई परेशानी नहीं और पास का काम ज्यादा नहीं करते, तो Monofocal lenses बेस्ट है और आपके बजट में है।
✅ अगर पास का का चश्मा लगाने मे परेशानी है और आप का पढ़ने का मोबाइल कंप्यूटर का काम ज्यादा है और नाइट ड्राइविंग करते हैं, तो EDOF lenses बेस्ट हैं।
ü अगर आपको पास का चश्मा बिल्कुल भी नहीं पहनना है और नाइट ड्राइविंग नहीं है व चमक से कोई परेशानी नहीं है, तो आप मल्टीफोकल और ट्रायफोकल लेंस लेंस चुन सकते हैं ।
ü अगर सिलैंडरिकल लैंस पावर है तो साफ सृष्टि के लिए Toric Lens चुने l
✅ अगर बजट कम है, तो सस्ते Monofocal या EDOF lenses भी अच्छे हैं। PCO की संभावना थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन यह सिर्फ एक बार लेज़र से ठीक किया जा सकता है।
आईओएल से जुड़े आम सवाल और गलतफहमियाँ
प्रश्न: क्या लैंस हमेशा के लिए रहता है?
उत्तर: हां, एक बार लगाया गया लेंस जीवनभर रहता है।
प्रश्न: क्या बाद में लेंस बदला जा सकता है?
उत्तर: बहुत मुश्किल है, क्योंकि इसके लिए दोबारा सर्जरी करनी पड़ेगी।
प्रश्न: क्या प्रीमियम लेंस से हमेशा 20/20 दृष्टि मिलेगी?
उत्तर: लेंस की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है, लेकिन परिणाम आपकी आँखों की सेहत पर भी निर्भर करता है।
प्रश्न: क्या सर्जरी के बाद आँख पहले जैसी सामान्य हो जाएगी?
उत्तर: हां, लगभग दो हफ्ते बाद आप सामान्य जीवन जी सकते हैं।
प्रश्न: क्या लेंस अपनी जगह से हिल सकता है?
उत्तर: नहीं, जब तक कोई बाहरी चोट न लगे, लेंस स्थिर रहता है।
प्रश्न: क्या सर्जरी के बाद आँखों में कभी लालिमा, खुजली या पानी आ सकता है?
उत्तर: हां, लेकिन यह सामान्य कारणों से होता है और सर्जरी से संबंधित नहीं होता।
9. कैटरेक्ट सर्जरी से पहले जांच (Preoperative Investigations)
✔ Visual Acuity Test
✔ Corneal Measurements (Keratometry, A-Scan Biometry)
✔ Retinal Examination
✔ Blood Sugar Levels (यदि डायबिटिक हैं)
✔ सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण (General Health Checkup, यदि आवश्यक हो)
10. कैटरेक्ट सर्जरी के बाद देखभाल (Postoperative Care)
✔ संक्रमण से बचाव के लिए निर्धारित आई ड्रॉप्स का उपयोग करें।
✔ धूल और पानी से बचाव करें, एक सप्ताह तक चेहरा धोने से बचें।
✔ आंखों को रगड़ने या छूने से बचें।
✔ धूप और धूल से बचाने के लिए चश्मा पहनें।
✔ भारी सामान उठाने और झुकने से बचें।
✔ कोई विशेष आहार प्रतिबंध नहीं है, आप अपनी सामान्य डाइट ले सकते हैं।
11. सामान्य गतिविधियां कब शुरू कर सकते हैं? (When Can You Resume Normal Activities?)
✔ काम और कंप्यूटर उपयोग – 2-3 दिन में
✔ ड्राइविंग – 1 सप्ताह बाद (यदि दृष्टि स्थिर हो)
✔ पढ़ना/टीवी देखना – 24-48 घंटे बाद
ü घरेलू व रसोई का काम - 7 दिन बाद
✔ भारी व्यायाम – 2-3 सप्ताह बाद
12. क्या बीमा (Insurance) से कैटरेक्ट सर्जरी कवर होती है?
✔ हां, अधिकांश स्वास्थ्य बीमा योजनाएं इसे पूरी या आंशिक रूप से कवर करती हैंI
आईओएल से जुड़े आम सवाल और गलतफहमियाँ
प्रश्न: क्या लैंस हमेशा के लिए रहता है?
उत्तर: हां, एक बार लगाया गया लेंस जीवनभर रहता है।
प्रश्न: क्या बाद में लेंस बदला जा सकता है?
उत्तर: बहुत मुश्किल है, क्योंकि इसके लिए दोबारा सर्जरी करनी पड़ेगी।
प्रश्न: क्या प्रीमियम लेंस से हमेशा 20/20 दृष्टि मिलेगी?
उत्तर: लेंस की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है, लेकिन परिणाम आपकी आँखों की सेहत पर भी निर्भर करता है।
प्रश्न: क्या सर्जरी के बाद आँख पहले जैसी सामान्य हो जाएगी?
उत्तर: हां, लगभग दो हफ्ते बाद आप सामान्य जीवन जी सकते हैं।
प्रश्न: क्या लेंस अपनी जगह से हिल सकता है?
उत्तर: नहीं, जब तक कोई बाहरी चोट न लगे, लेंस स्थिर रहता है।
प्रश्न: क्या सर्जरी के बाद आँखों में कभी लालिमा, खुजली या पानी आ सकता है?
उत्तर: हां, लेकिन यह सामान्य कारणों से होता है और सर्जरी से संबंधित नहीं होता।
13. क्यों चुनें वेदांत नेत्रालय? (Why Choose Vedanta Netralya?)
✅ अनुभवी आई सर्जन
✅ अत्याधुनिक तकनीक
✅ किफायती और पारदर्शी कीमतें
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